आख़िर क्यों नहीं हो रही भारत में आबादी के मुताबिक़ कोरोना की जाँच !

Nadim S. Akhter 21 March 2020


विशेषज्ञ कह रहे हैं कि भारत में #कोरोना #वायरस के अभी 15-20 हज़ार confirmed cases हो सकते हैं क्योंकि आबादी बहुत बड़ी है और टेस्टिंग हो नहीं रही। ब्रिटेन ने भी अभी हाल में कुबूल किया कि जो आंकड़े corona positive के वह दिखा रहा है, उससे करीब 10 गुना ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो सकते हैं। 



फिर भारत की आबादी तो 130 करोड़ है और इस हिसाब से यहां के लोगों का जीवन स्तर भी उतना ही निम्न है। मोबिलिटी यानी उनके कमाने-खाने के लिए बिना सुरक्षा उपाय यहां-वहां जाने की दर भी बहुत अधिक है। सो कोरोना के यहां तेज़ी से फैलने की आशंका है। 


मैं इस बारे में तब से फेसबुक पर लिख रहा हूँ, जब ज्यादातर लोगों ने यहां कोरोना का नाम भी नहीं सुना था। तब मैंने ये कहा था कि चीन से कोरोना कभी भी हिंदुस्तान आ सकता है पर यहां के नेताओं ने अभी तक (उस समय) उस पे ना कोई बयान दिया और ना ही कोई रणनीति बनाई है। इनकी नींद तब खुली, जब भारत इसकी चपेट में आ गया। और वह आधी खुली। ताली-थाली पे अटके हुए हैं।


उधर रूस को देखिए। वहां कोरोना के केस अभी बहुत कम हैं लेकिन अभी से उन्होंने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। कोरोना के लिए #dedicated #hospital बनवा रहे हैं। वह भी रातोंरात। और भारत में? अभी तक आपने सुना कि सरकार कोरोना के लिए विशेष अस्पताल बनवाएगी? नहीं ना! तो अंतर समझिए। वहां की सरकार को जनता की जान की चिंता है। हमारी सरकार को कितनी है, ये आप तय कीजियेगा, जब थाली पीटेंगे।

मुझे तो लगता है कि जब लोग मरना शुरू होंगे और देश में हाहाकार मचेगा, तब जाकर लोगों का whatsapp university से मोहभंग होगा। वैसे विशेषज्ञ कह रहे हैं कि भारत में 60 फीसद तक लोग कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं। यानी 1 अरब का ही अगर 60 फीसद निकाल लें तो 60 करोड़। पता नहीं, तमाम तरह के आंकलन आ रहे हैं और तैयारी जीरो है।

Post a comment

0 Comments