आज की रात क़यामत की रात है, साँसें थामे रहिएगा

विशेष सम्पादकीय

Nadim S. Akhter 25 March 2020





आज की रात भारी ना पड़ जाए! पीएम बोलने वाले हैं। 8 बजे। नोटबन्दी याद है ना! और कुछ लोगों को डमी सैटेलाईट मार गिराने की घोषणा भी याद है। अभी कोरोना चल रहा है और बैंक डूब रहे हैं। सरकार का खजाना खाली है और #RBI पानी मांग रहा है। हाथ जोड़कर। सुप्रीम कोर्ट ने #CryptoCurrency को मान्यता दे दी है जिसे खुद #RBI ने देश की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताकर खारिज कर दिया था। दिल्ली में दंगों के दाग हैं और कश्मीर संभल नहीं रहा। सुप्रीम कोर्ट आज़ादी के बाद अपनी विश्वसनीयता के सबसे बड़े संकट से गुज़र रहा है। विधायिका और कार्यपालिका अपनी विश्वसनीयता पहले ही खो चुका है। विधायकों का दलबदल और सरकारी बाबुओं की नेता-निष्ठा स्वयंसिद्ध है। जनता हाशिए पर है। वह बस वोट के लिए एक नम्बर है। अब उसकी नागरिकता भी खतरे में है। जिस #जनता के वोटरकार्ड से सांसद-मंत्री बने, अब वही वोटर कार्ड नागरिकता का प्रूफ नहीं माना जा रहा। लोकतंत्र का चौथा खम्भा यानी #मीडिया धराशायी है। मीडिया मालिक #बिजनेसमैन बन गए हैं और #संपादक दलाल-मैनेजर। #उद्योगपति #कैश के बदले #देश खरीद रहे हैं। #इलेक्टोरल #बॉन्ड अब सीक्रेट है। किसको किसने कित्ता पैसा #चंदादिया, वह देश बेचने की कुंजी है। ना झुकने दूंगा, ना खाने दूंगा अब शगल है। #विपक्ष एक ज़िंदालाश की भांति ज़मीन पे पसरा है। उसके पास ना विज़न है और ना कोई नेता। वह चमत्कार की उम्मीद लगाए है। महंगाई चरम पे है और 20 रुपया किलो मिलने वाला प्याज़ अब 40 रूपया किलो आम है। 40 रुपया किलो वाली सब्ज़ी अब 80 रुपया किलो आम है। 400 में मिलने वाला #गैस सिलिंडर अब 800 की लीची है। रेलवे स्टेशन से लेकर हवाई जहाज़ कम्पनी और हवाई अड्डे तक बेचे जा रहे हैं। कॉरपोरेट जनता का हज़ारों करोड़ रुपया लेकर बैंक से भाग रहे हैं और सरकार जनता के टैक्स की कमाई से उसकी भरपाई कर रही है। सो रात 8 बजे बहुत महत्वपूर्ण है। ये एक fix टाइम है, जब राजा महल के गलियारे में आकर जनता से मुखातिब होता है। वह सुबह 10 बजे या 12 बजे या फिर शाम में या फिर कभी भी प्रजा के सामने नहीं आता। फिक्स टाइम है। रात 8 बजे। अब आएगा #KBC#देवियों और सज्जनों! भाइयों और बहनों! मित्रों! हम आ गए हैं। दिनभर आपने मेरे बारे में चर्चा की। आनंद आया। मन प्रफुल्लित हुआ। #सस्पेन्स बना रहे। क्या बोलेंगे! कहीं दो हजारी नोट तो बंद नहीं होंगे? सोशल मीडिया वाला #joke अच्छा रहा। कहा-छोड़ देंगे। चर्चा हो गयी। देश का सबसे महत्वपूर्व विषय। सोशल मीडिया छोड़ देंगे राजा जी! फिर बताया। नहीं छोड़ेंगे। हमारी माताएं-बहनें चलाएंगी। मज़ा आया। ये मदारी का खेल है। बोलो जमूरों! प्याले के अंदर मिट्टी है कि सोना? मदारी पूरा खेल दिखाएगा। फिर तुम ताली पीटना। प्यार बना रहे। दोस्ती बनी रहे। रात अहम है। 8 बजे प्राइम टाइम है। सही समय है प्रजा को दर्शन देने का। वैसे भी सब निठल्ले हैं। उस वक़्त या तो सास बहू सीरियल देख रहे होते हैं या #हिन्दू #मुस्लिम #डिबेट। लेकिन सच्चा नेता ऐसे वक्त भी देश को एक सूत्र में बांध देता है और ये ensure करता है कि पूरा परिवार टीभी से एकसाथ चिपका रहे। कौन जाने #ATM की तरफ दौड़ लगानी पड़े या फिर बाजार को, समान खरीदने। देश संकट से गुज़र रहा है, सो उसकी दवा बताई जानी है। आज रात को। दिल थामकर इंतज़ार करिए। हो सकता है कि खोदा पहाड़ और निकले केंचुआ! मज़ा आता है। सस्पेंस बना रहे, अहमियत बनी रहे, प्यार बना रहे, दोस्ती बनी रहे। घर में शादी है... पैसे नहीं हैं!! मां अस्पताल में है...पैसे नहीं हैं!!! हा हा हा। एक अठ्ठाहस। यही होता है। रात 8 बजे। सटाक!! प्यार बना रहे मित्रों!!


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