सोशल मीडिया पर कुछ लोग एकदम भगवान की मुद्रा में रहते हैं, देखिए जरा

Nadim S. Akhter


कुछ लोग #SocialMedia पे एकदम #भगवान की मुद्रा में हैं। सरकार के हर कदम का छिद्रान्वेषण कर रहे हैं। कह रहे हैं कि #ये करो फिर देखते हैं कि क्या होता है। ये तुमने अच्छा किया। ये वाला ऐसे करते तो और अच्छा रहता। और ज़रा ये भी कर लेना.... मतलब बिन मांगी सलाह, थोक में। वो भी सरकार को।


कोई इन लोगों को समझाओ भाई कि ये #सोशल #मीडिया है, #मुगल सल्तनत का घंटा नहीं कि बजाया और जहाँपनाह आ गए उतर के। जनता की फरियाद सुनने। सरकार ब्यूरोक्रेट्स चलाते हैं और वे नेताजी की जी हुज़ूरी भी करते हैं। तभी पद पे बने रहेंगे। सो दोनों मिलकर जो खिचड़ी पकाते हैं, उसी को थाली में परोसकर #मंत्री जी मीडिया के सामने जनता को बता देते हैं। सो सिम्पल।

इसलिए काहे दिमाग लगा रहे हो भाई कि नेताजी ने ये गलत किया, सरकार को ये करना चाहिए..!! काहे???!! नोटबन्दी भूल गए? पब्लिक लाइन में लगी थी ना! धंधे चौपट हुए थे ना! जनता लाइन में खड़ी-खड़ी मरी थी ना! सरकार के guidelines कई दफा बदले थे ना!! फिर भी #जनता ने #वोटदिया ना!! सरकार बनी ना!! फिर काहे #टेंशन लेते हैं? सरकार को भी मालूम है कि जनता वोट देगी ही। चाहे ये कर दें, या वो कर दें। अब देखिए ना! #WHO की चेतावनी के बावजूद #भारत 19 तारीख तक कोरोना से लड़ने वाला #मास्क और अन्य चीज़ें विदेशों को भेजता रहा ना! जबकि खुद अपने देश में इन चीजों की किल्लत थी और है ना!! कुछ हुआ क्या? किसी ब्यूरोक्रेट या मंत्री को नापा गया क्या?? नहीं ना!! फिर काहे लोड लेते हो गुरुजी!!! 


जब सरकारें जान जाती हैं कि जनता अब #प्रजा बन चुकी है और हर हाल में जयघोष ही करेगी तो उस जनता की औकात राजमहल में कौड़ी की भी नहीं रहती। सब नाली में रेंगने वाले कीड़े की तरह देखे जाते हैं। और आप लोग हैं कि खुद को चाणक्य समझकर चंद्रगुप्त मौर्य को उपदेश पर उपदेश दिए जा रहे हैं!! क्यों बीपी बढ़ाते हैं अपना? ये कोरोना भी चला जाएगा। #एमपी में #मामा (वहां की जनता के) शवराज यानी कि #शिवराज आ गए ना!! कांग्रेस वहां डेढ़ साल सत्ता में रही। #कमलनाथने #व्यापम घोटाले की फ़ाइल खोली क्या? नहीं ना!!

फिर आप क्यों खून जलाते हैं। #लॉक डाउन है। घर में अच्छे-अच्छे व्यंजन खाइए और कोई अच्छी सी फ़िल्म देख लीजिए। जिस जनता की आप इतनी फिक्र कर रहे हैं, यही अपने वोट से सरकार चुनती है। जनता के फेर में ना पड़िए। अपनी देखिए। आपकी ज़िंदगी अनमोल है। उसका लुत्फ उठाइए। और अगर #गांधी बनना है तो फिर आपकी मर्जी। आज गांधी को कोई सत्याग्रह करने देगा? जेल में ही मार डालेगा और #accident का #case बना देगा। किस भुलावे में हैं आप? कोई भी पार्टी सत्ता में हो, लुटेरे सब हैं। जनता वोट देकर मस्त रहती है, आप भी रहिए। वो क्या कहावत है कि घर में राम-राम और खेत में बलराम। राम के राज्य में तो एक मामूली धोबी की बात सुनी जाती थी। वैसा ही #रामराज्य चाहते हैं क्या आप? तब #त्रेतायुग में जाइए। ये #कलयुग है। युग-युग का फेर है। आप फेर में ना पड़िए।


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