ये 'Breaking News' का हिंदी का होता है भाई ?

"टीभी पर जब सब कुछ #ब्रेकिंग ही है तो कोई भी नाम रख लीजिए। हड्डी तोड़ खबर। कमरतोड़ खबर। तोडू खबर। फाडू खबर। तोड़ने वाली खबर। टूट रही खबर...वगैरह वगैरह "

Nadim S. Akhter


बहुत पहले एक बहुत बड्डे पत्रकार की तरफ से पूछा गया कि "#Breaking #News" का कोई हिंदी शब्द सुझाएं।
हमने कहा कि क्या फर्क पड़ता है। टीभी पर जब सब कुछ #ब्रेकिंग ही है तो कोई भी नाम रख लीजिए। हड्डी तोड़ खबर। कमरतोड़ खबर। तोडू खबर। फाडू खबर। तोड़ने वाली खबर। टूट रही खबर...वगैरह वगैरह।


दरअसल दिक्कत क्या है कि हम #मानसिक रूप से #अंग्रेज़ी के #गुलाम लोग खालिस अपनी भाषा के शब्द इस्तेमाल नहीं करते। हर चीज़ में अंग्रेज़ी का अनुवाद चाहिए। इसका नतीजा ये हुआ था कि एक दफा #जेएनयू से हिंदी में #पीएचडी किए हुए पत्रकार ने झोंक में "Home Minister" का ट्रांसलेशन 'घर मंत्री' कर दिया। सो दिक्कत मानसिकता की है हमारे यहां। 


अभी सुबह देखा कि एक मित्र "#lockdown" की हिंदी पूछ रहे हैं। क्यों भाई? क्या अपनी हिंदी इतनी गरीब है कि वह बिलायती अंग्रेज़ी के पीछे चलेगी? ढूँढिये ना अपनी भाषा का कोई उपयुक्त शब्द इस आफत के लिए! बंदी, घरबन्दी, #कामबंदी, तालाबंदी, पहरा, पूरा पहरा, #निषेधाज्ञा वगैरह-वगैरह ना जाने कितने शब्द मिल जाएंगे। इनमें से किसी एक को चुन लीजिए। ये क्या बात हुई कि हम lockdown की ही हिंदी ढूंढेंगे? गुलामी गयी नहीं क्या हमारी अभी तक? और अगर बड़ा दिल रखते हैं अंग्रेजों की तरह जैसे वो हर साल ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी में विदेशी भाषाओं के शब्द घुसेड़ देते हैं तो 'लॉकडाउन' को भी ज्यों का त्यों घुसा लीजिए हिंदी शब्दकोश में! जैसे स्टेशन, क्रिकेट, फुटबॉल, पेन, कॉलेज, मोटर और ना जाने कितने शब्द अब हिंदी के ही हो गए हैं। कर सकेंगे?? 



वैसे भाषायी शुद्धता का मैं पैरोकार नहीं और आप देखते होंगे कि #फेसबुक पर मैं अंग्रेज़ी के काफी शब्दों का प्रयोग करता हूँ। जानबूझकर करता हूँ। ऐसा नहीं है कि उनके हिंदी-उर्दू समानार्थी शब्द मेरे पास नहीं होते पर मूड की बात है। जो दिमाग में आया, उसे लिख दिया। बस जनता को समझ आ जाये कि लिखा क्या है वरना 'किंकर्तव्यविमूढ़' जैसा शब्द भी हिंदी में है जिसे पढ़ने में ही पाठक की ज़ुबान लड़खड़ा जाए। भाषा वही टिकती है, जो चलायमान होती है। इसको लेकर एक दफा फेसबुक पे वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव जी से भी वार्तालाप हो चुका है। वह बहुत हिंदी-हिंदी करते हैं। इस नए प्रोफाइल में वह हमारी मित्र सूची में नहीं। पर पुरानी वाली प्रोफाइल में हमने उनसे पूछ लिया था कि आप हिंदी के झंडाबरदार हैं तो ये बताइए कि आपके बच्चे किस मीडियम के स्कूलों में पढ़े हैं। अंग्रेज़ी या हिंदी? उन्होंने बताया कि अंग्रेज़ी मीडियम। तब हमने पूछा कि कम से कम आपको तो उन्हें हिंदी माध्यम में पढ़ाना था! एक नज़ीर पेश करते आप! ये क्या बात हुई कि आपके बच्चे अंग्रेज़ी में धाराप्रवाह कॉरपोरेट वाले हों और हिंदी प्रेमी के बच्चे झोलाछाप! ये नहीं चलेगा। 


बहरहाल, अंग्रेज़ी की गुलामी वाली मानसिकता से निकलिए। रिश्तेदारी के लिए इंग्लिश में एक ही शब्द है- Uncle. पर अपनी भाषा में देखिए कि हर रिश्ते का अलग नाम है-चाचा, मौसा, मामा, ताऊ, फूफा आदि आदि। सो जब इतनी समृद्ध भाषा से आप सुसज्जित हैं तो फिर काहे अंग्रेज़ी की पूंछ पकड़े हुए हैं? हमारे नो कहावत हैं, उसका तो और भी जवाब नहीं। मसलन एक कहावत है कि छछूँदर के सिर पे चमेली का तेल। अब जरा इसका अंग्रेज़ी में अनुवाद करके किसी अंग्रेज़ को सुनाइए। इसका मतलब कभी समझ पायेगा वो? और आप भी क्या इसका अंग्रेज़ी अनुवाद समझ पाएंगे? नहीं ना! फिर Breaking News और Lockdown का हिंदी अनुवाद मत ढूंढिए। वो क्या कहावत है-चिराग तले अंधेरा। वही बात हो जाती है।

Post a comment

0 Comments