एक संवेदनशील पत्रकार किसी की नौकरी नहीं खाता

Nadim S. Akhter


आप संवेदनशील और अच्छे पत्रकार-इंसान तभी माने जा सकते हैं, जब नौकरी में रहते हुए आपने किसी की नौकरी नहीं छीनी। #facebook और #Youtoube पे ज्ञान दे देने से आपके पाप छुप नहीं जाते। आज जब आप सत्ता में नहीं हैं, तो बड़ी-बड़ी फर्जी बातें कर रहे हैं। कल खुदा ना खास्ता-पास्ता फिर सत्ता में आए, तो फिर वही धूर्त वाली गिरी हरकतें करेंगे। आपका कोई ज़मीर भी होगा! उसे कैसे धोखा देते होंगे?



और जो आज सत्ता में हैं, वो भी अपनी नौकरीं बचाने के लिए दूसरों की नौकरीं/मान-सम्मान खा रहे हैं। पर चुप हैं। कल को ये भी सड़क पर होंगे। तब ये भी क्रांतिकारी बन जाएंगे और देश-समाज की चिंता इनको सताने लगेगी। सोशल मीडिया और यूट्यूब पे एक्टिव हो जाएंगे। आज ये फेक न्यूज़ और हिन्दू-मुसलमान के बीच नफरत फैला रहे हैं। कल सन्त बन जाएंगे। 


पर हिसाब सबका होगा। चिंता मत कीजिए। पूरा रजिस्टर तैयार है।

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