रेलवे की लापरवाही से आज बुक नहीं हो पाए टिकट, कोरोना का ख़तरा अलग

Nadim S. Akhter 11 May 2020

आज शान 4 बजे से #Irctc के ज़रिए रिज़र्वेशन होना था पर हमेशा की तरह सरकार और रेलवे की तैयारी फिसड्डी रही।

हमने 3:30 बजे से app के मार्फ़त login करने की कोशिश को पर बार-बार आईआरसीटीसा का एप्प मुझे mobile और gmail पर भेजे password को भरकर Verify करने को कहता रहा। अब मोबाइल पर अलग #OTP और मेल पर अलग पासवर्ड। दोनों को देखकर IRCTC की वेबसाइट पर भरा और बटन दबाकर वेरिफाई किया। लेकिन ये क्या? इनका एप्प मुझे वेरीफाई करके दोबारा login page पर ले जाता। ऐसा पचीसों बार हुआ पर लॉगिन नहीं हुआ।

फिर जैसी आशा थी, अब शाम 4 बजे के बाद IRCTC का सर्वर इतना बिजी हो गया कि login तो दूर, बार-बार यही मेसेज दे रहा है कि Plz check ur net connection. यानी गलती यूजर की है, सबकुछ चल रहा है पर रेलवे की site नहीं चल रही है तो यूजर अपना नेट चेक करो। यानी नाच ना जाने तो आंगन टेढ़ा और धूर्तता इतनी कि यूजर की ही गलती बताओ। वाह भाई रेलवे ! मान गए आपको। रेलवे का सर्वर काम नहीं कर रहा है तो ये मेसेज नहीं आएगा कि Sorry, You can't login due to heavy load on server. आप यूजर से ये कहोगे कि आप ही का नेट काम नहीं कर रहा। हद है।

अब सर्वर की कहानी भी सुनिए। फेसबुक पर एक साथ करोड़ों यूजर आते हैं। कभी slow हुआ? नहीं ना जबकि वो एक प्राइवेट बनिए जुकरबर्ग की दुकान है। लेकिन 130 करोड़ की आबादी वाले मुल्क का ऑनलाइन सरकारी रेलवे रिजर्वेशन सिस्टम स्लो और बंद रहता है, irctc की वेबसाइट और app पीक आवर्स में हाथ-पैर छितरा के और जीभ निकाल के पसर जाते हैं पर ना कभी सरकार को शर्म आयी और ना कभी रेलवे को ! नहीं आई ना ?
विश्वगुरु भारत अपनी रेलवे का ऑनलाइन रिजर्वेशन सिस्टम तक नहीं चला पाता और घर के मुखिया पता नहीं कौन से टेक्नोलॉजी दिवस पे वैज्ञानिकों को आज बधाई दे रहे हैं।मतलब Total Policy Paralysis और जनता के साथ मज़ाक है। बाकी कुछ मूर्ख हिन्दू-मुसलमान करने में लगे रहते हैं, उनको व्हाट्सअप की फर्जी यूनिवर्सिटी की घुट्टी पिला दी गयी है, जिसकी उल्टी वे यहां-वहां करते रहते हैं। ये पॉलिसी पैरालिसिस वाली बात #UPA के समय में विपक्ष यानी आज के सत्ताधारी खूब बोलते थे। खैर।
आज रेलवे ने फिर बताया कि वह देश की जनता को कितने हल्के में लेता है। हफ्तों बाद IRCTC की वेबसाइट खुली तो काम नहीं कर रही। एक और बात। जिस ट्रेन से आप जाएंगे, उसमें toilets की सफाई नहीं होगी क्योंकि contract labourers हटा दिए गए हैं। ऐसी खबरें आई हैं। लेकिन परेशानी वाली बात ये है कि एक-दो दिन पहले एक रिसर्च रिपोर्ट आई है, जिसमें कहा गया है कि मनुष्य े पेशाब-पाखाने में भी #Corona #virus हो सकता है। यानी सीवर से भी कोरोना फैलने का खतरा है। तो फिर आप रेलवे कोच के गंदे टॉयलेट में जाकर कोरोना पॉजिटिव होने का जुगाड़ रखें। सरकार ट्रेन की बोगी में #social distancing करवाएगी, कम यात्री भरके और टॉयलेट में कोरोना बंटवायेगी। मुफ्त में। वाह रे मूर्खों !! कमाल कर दिया।



इसलिए एक विद्वान ने कहा था कि मूर्ख प्रजा और मूरख राजा अगर देख लो तो धोती समेट के जितनी तेज दौड़ सकते हो, उस राज्य से निकल लो। वरना गलती से कहीं का पानी भी पी लिया तो कौन जाने, वह भी ज़हर समान हो। लोग मर रहे हों और उनको पता भी ना हो कि वे क्यों मर रहे हैं? उनकी आँखों पर स्वामीभक्ति का ऐसा चश्मा चढ़ा हो कि वे कहेंगे- मंगल ग्रह से वायु प्रदूषण आ रहा है, इसीलिए इस राज्य के लोग मर रहे हैं।

अब जरा नीचे दो स्क्रीनशॉट देखिए। पहला स्क्रीनशॉट एप्प से नहीं, वेबसाइट से लिया है, जिसमें बड़ी धृष्टता और बेशर्मी के साथ Irctc की वेबसाइट ये कह रही है कि रिजर्वेशन तो हो ही नहीं सकता क्योंकि करोना के चलते इस रूट पर बुकिंग बंद है जबकि हकीकत ये है कि दिल्ली से हावड़ा की टिकट बनाई जा रही थी, रेलवे ने इस रूट पर ट्रेन चलाने की बात इतवार यानी कल ही एक नोटिस के जरिए बताई भी है पर आज इनकी वेबसाइट कह रही है कि इस रूट पर टिकट नहीं मिलेगा। फिर किस रूट का मिलेगा? चांद का टिकट बेच रहा है क्या रेलवे?



इसके बाद एक ट्वीट आया, दी हिन्दू अख़बार की तरफ़ से, जिसमें बताया गया कि स्पेशल ट्रेनों का डाटा रेलवे ने अपने डाटाबेस में यानी arctic की वेबसाइट में अपडेट ही नहीं किया है, सो अभी बुकिंग नहीं होगी। वाह भैया !! माने दुआरी पर आवल बारात, और समधी खोदे पानी के लिए कुआं!!



अब सोचिए. कब से ढिंढोरा पीटा जा रहा है कि ट्रेन 12 मई से चलेगी। 11 मई को शाम ४ बजे टिकट करवा लेना। पर रेल मंत्री और रेलवे के आला अधिकारियों को ये फ़ुरसत ही नहीं कि इतनी बड़ी घोषणा से पहले एक बेसिक काम कर लें और वो ये कि ट्रेनों का डाटा रेलवे की वेबसाइट पर अपडेट कर लें। आज शाम बजे का रिज़र्वेशन करवाने का टाइम दिया गया था। जनता पलक-पांवड़े बिछाए टिकट कटाने को आतुर थी पर जनता के साथ धोखा हो गया।

लब्बोलुबाब ये है कि आज शाम ४ बजे  रेल का टिकट बुक करा रही देश की जनता को पता चला कि

एक तो आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर लॉगइन ही नहीं हो रहा

और दूसरा रेलवे ने स्पेशल ट्रेन का डेटा अपडेट ही नहीं किया, सो आज शाम बजे से रिज़र्वेशन नहीं हो पाएगा। 

फिर रेलवे की तरफ़ से ये कहा गया कि शाम 6 बजे से रिर्जवेशन होगा। सब ठीक कर लिया जाएगा। मैं शाम को छह बजे फिर IRCTC की वेबसाइट पर पहुंचा पर रेलवे ने फिर वहीं चकरघिन्नी बना दिया। अब कह रहे हैं कि आपके OTP प्राप्त करने की अधिकतम सीमा खत्म हो चुकी है। बिना ओटीपी के मैं लॉगइन ही नहीं कर पाया।

अब सोचिए जब ट्रेन टिकट में बुकिंग की ये हालत है तो रेलवे की ट्रेन में कोरोना को लेकर कितनी घटिया तैयारियाँ होंगी। एक तो ऊपर बता ही दिया कि टॉयलेट साफ करने वाला ट्रेन में आपको कोई नहीं मिलेगा जबकि स्वच्छ भारत मिशन इसी सरकार का अभियान है। सो कोरोना काल में जब साफ-सफाई की सबसे ज्यादा जरूरत है तो रेलवे और रेल मंत्री ट्रेन में टॉयलेट साफ नहीं करवाएंगे। ताज़ा रिसर्च टॉयलेट से भी कोरोना फैलने का ख़तरा बता रहा है। क्या सरकार दुनिया से एकदम कटी हुई है? क्या उसे पता नहीं कि दुनिया वाले कोरोना पर क्या नई जानकारियाँ दे रहे हैं? सब कुछ बेहद शर्मनाक है।

Bottom of the story ये है कि आज शाम ४ बजे कोई टिकट कोई नहीं बना पाया, फिर ६ बजे भी वही कहानी। रेलवे ने arctic की वेबसाइट में डाटा अपडेट किए बिना पब्लिक में ऐलान कर दिया। सोने पे सुहागा ये कि जब भी आपका टिकट मिल जाए, अभी तक की खबर के अनुसार तो टॉयलेट गंदा ही मिलेगा आपको। सफाईकर्मी नहीं होंगे क्योंकि दिहाड़ी के मजदूरों को हटा दिया गया है। फिर कोच में रेलवे सोशल डिस्टेसिंग का पालन कैसे करवाएगा ये पता नहीं। लोग मुहं-हाथ धोने तो जाएंगे ना! तब क्या होगा?
आगे भगवान मालिक.

खुदा हाफ़िज़.



#Railway #भारतीय रेल #Corona #Virus

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