सोशल मीडिया पर जाँच-परख के दोस्ती गाँठें

Nadim S. Akhter 12 May 2020

जो लोग सोशल मीडिया पर मुझे अपनी मित्र सूची में शामिल करना चाहते हैं, वे अगर पहाड़, फूल, बादल, नदी, चिड़िया, तोता, मैना, शेर, बब्बर शेर, बन्दर, चिंपैंजी, भारत माता, गाय, बैल, सैनिक, सेना, इंडिया गेट, जामा मस्जिद, प्रधानमंत्री, सोनिया गांधी, मायावती, ममता बनर्जी, सुंदर कन्या, मैंचो मैन, फिल्मी सितारे, वारे-न्यारे, आदि-इत्यादि....
के फोटुक अपनी प्रोफाइल पिक में लगाएंगे तो उन्हें तुरन्त मैं फर्जी प्रोफाइल घोषित कर देता हूँ। अब सोशल मीडिया वो जगह नहीं रही कि आप चेहरा छुपाकर दोस्ती गांठने चलें। या तो आप खुद को बहुत चालाक समझते हैं या सामने वाले को महा-मूर्ख। बिना चेहरा दिखाए दोस्ती नहीं हो सकती। अभी हाल ही में एक -सुंदर- बालक पकड़ा गया, जो एक -कुरूप- कन्या की प्रोफाइल पिक लगाकर फेसबुक पर टहल रहा था और उसके 10 हज़ार फॉलोवर्स थे। इस देश की जनता भोली है, मैं नहीं, इसलिए मुझे झांसा देने की कोशिश ना करें। ऐसे फर्जी लोगों को सीधे उल्टा टांग देता हूँ। 
बीच-बीच में अपनी मित्र सूची के लोगों को भी टटोलता रहता हूँ। अगर वहां भी संदेहास्पद गतिविधि दिखती है तो सीधे unfriend करता हूँ। सोशल मीडिया पे अपनी मर्ज़ी से हूँ, इसलिए यहां मैं किसी को झेलूँगा नहीं। चाहे वास्तविक दुनिया में वह मेरा कितना भी अजीज़ और प्रिय क्यों ना हो! ये सोशल मीडिया इस्तेमाल करने का मेरा उसूल है। ये पब्लिक प्लेटफॉर्म है, इसलिए यहां अनुशासन की सख्त जरूरत है। अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर आप fake news, गंदगी और नफरत फैलाएंगे, इसकी इजाजत अपनी वॉल पे मैँ नहीं देता। आप अपनी वॉल पे भी अगर रोबॉट की तरह समाज को तोड़ने वाली पोस्ट डालेंगे, तो भी मैं आपको हटा दूंगा अपनी मित्र सूची से। 


इस दुनिया में पहले ही बहुत सारे टेंशन हैं, सो सोशल मीडिया का बेवजह तनाव मैं नहीं लेता। हां, अगर आप मेरी बात से इत्तेफाक नहीं रखते और वो आपको चुभती हैं तो आप बेशक खुद को मुझसे अलग कर लें। चॉइस आपकी है। मित्र कम हों या एक भी ना हों, मुझे फर्क नहीं पड़ता। इस दुनिया में अकेला आया था और अकेला जाऊंगा। किस्मत रही तो चार आदमी कांधा दे ही देंगे मेरी अंतिम यात्रा को। वैसे मैं यारों का यार हूँ और दुश्मनों का दुश्मन। मुझ जैसा दोस्त और मुझसे खतरनाक शत्रु आपको नहीं मिलेगा। जो मुझे नज़दीक से जानते हैं, उनको पता है कि अपना नुकसान करके दोस्ती का हक अदा किया है। 
दुनियादारी का शिष्टाचार निभाने में यकीन नहीं रखता। अगर आप मित्र हैं और गलत करेंगे तो आपको टोकूंगा। इस दुनिया में दोस्ती ही एक ऐसा रिश्ता है, जिसे आप अपनी मर्जी से चुनते हैं। बीवी और शौहर तक मां-बाप चुन लें आते हैं। इसमें कोई बुराई भी नहीं। सो दोस्त कम रखिये, पर अच्छे रखिये। फेसबुक भी आपको ये चॉइस देता है। सोशल मीडिया कहने को आभासी दुनिया ज़रूर है पर यहां सबकुछ real यानी वास्तविक होता है। ऐसे माध्यम में दोस्तों का चुनाव सावधानीपूर्वक करें। मैं करता हूँ। 
धन्यवाद।

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