पाकिस्तान पर चढ़ बैठने वाला भारतीय मीडिया चीन से क्यों डर रहा है ?

तीरंदाज़ी


Nadim S. Akhter 9 June 2020


भाई लोग ऐसी एजेंडा सेटिंग करने लगे कि अब सच को भी झुठलाने लगे। भारतीय सीमा में चीन की घुसपैठ पर।

वैसे ये मौका किसने दिया? सरकार ने। रक्षा मंत्री बोले पर गोलमोल बोलकर निकल गए। यही कि चीन की समझ से जो उनका इलाका है, हमारी समझ से जो हमारा इलाका है, चीनी सैनिक घुसे हैं, बाकी सब साका-नाका है टाइप।


ये मज़ाक चल रहा है क्या? देश की सीमा में चीनी सैनिकों यानी LAC को पार करके चीनी सैनिकों के अंदर घुसने की खबरें हैं और सरकार चुप है। ड्रैगन से इतना डर? कल तक तो नेहरू को गाली देते फिरते थे चीन मामले पे। आज जब खुद सत्ता में हैं, तो मिमियाया भी नहीं जा रहा। मीडिया गटर में लुढ़का हुआ है। ना उसे होश है ना हिम्मत कि सरकार से सवाल पूछ दे। हां, अगर पाकिस्तान होता तो अब तक कारगिल-2 की उद्घोषणा हो चुकी होती। हर टीभी स्क्रीन और चौराहे पे पाकिस्तान पे एटम बम गिराने की हुंकार होती। इसका एक उदाहरण भी नीचे फोटुक में दे रहा हूँ। हमारी सीमा में चीनी सैनिकों के घुसने की खबरें हैं, पर हमारा मीडिया अभी एक -दो रोज़ पहले LOC पर पाकिस्तान से घुसपैठ पे चर्चा करा रहा था। (नीचे इनकी वीरता की फोटुक देखें)। बस दो दिन पुरानी टीभी की बहस है। 

लेकिन चीन वाली LAC पर इनकी जुबान सिल जाती है। कमबख्त कोई चूं-चाँ चीनी भी नहीं मिलता, जो पैसे लेकर हमारे डायन मीडिया के एंकर्स की गाली खाए। चूंकि पाकिस्तानियों में तारिक फतेह जैसे दलाल भरे पड़े हैं, वो आसानी से आ जाते हैं। तारिक जैसे लोग हिंदुस्तानी मुसलमानों को गाली देने आते हैं और बाकी दलाल पाकिस्तानी, डायन भारतीय मीडिया के एंकर्स से गाली सुनने। 

पर एक बात याद रखियेगा। चीन, पाकिस्तान नहीं है। मारेगा भी और रोने भी नहीं देगा। उसे लेकर देश को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए और हक़ीक़त देश को साफ-साफ बतानी चाहिए। ठीक है कि ये सरकार की स्ट्रेटेजी हो सकती है कि पहले अपने लेवल पे बातचीत से मामले का हल निकाल लें। शायद चीन मान जाए और LAC पर हमारी वाली साइड से पीछे अपनी पुरानी लोकेशन पे चला जाए। जब नहीं मानेंगे, बात आगे बढ़ेगी, तब देश को बताया जाएगा। fine. Agreed.

लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आईटी सेल और आपसे सहानुभूति रखने वाले पत्रकार ये कहने लगें कि चीन तो हमारी सीमा में घुसा ही नहीं। ये सब फर्जी खबर है..आदि आदि। आप राहुल गांधी को पप्पुओं का सम्राट बता दीजिए, कह दीजिये कि भारत की इकोनॉमी अभी मई में 5 ट्रिलियन को पार कर गयी और अगस्त तक हम अमरीका को पछाड़कर दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे, ये भी कह दीजिये कि न्यूज़ीलैंड से पहले भारत कोरोना से मुक्त हो चुका है और देश में कोरोना का एक भी केस अब नहीं है...हर झूठ कबूल है, चल जाएगा,

पर देश की सीमा और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ मत करिए। देश बचेगा, तभी आपका आईटी सेल रहेगा और आप भी। इस बारे में जो भी झूठ कहेगा, वह देश के साथ धोखा करेगा। सरकार को अतिशीघ्र बताना चाहिए कि लद्दाख में LAC के इस पार चीनी सैनिक कितना अंदर घुसे हैं। और अगर नहीं घुसे हैं तो पूरा नापजोख के साथ CDS को लेकर प्रेस वार्ता करे कि इतना स्क्वायर किलोमीटर का इलाका फलां साल से हमारे कब्जे में है और आज भी वहां कोई चीनी सैनिक नहीं है। हो पाएगा??

कर लें तो अच्छा है। बाकी इस देश की जनता अफीम तो चाट ही चुकी है। उसी बेहोशी में इनकी गर्दन पे तलवार चल जाए तो इनको कहाँ पता लगने वाला है? बेहोशी से सीधे स्वर्गलोक पहुंचेंगे। बुरा बहुत लगा होगा आप लोगों को, पर ये सच है।

नीचे अपने मीडिया का हाल देखिए और सिर धुनिये। दो दिन पहले हुई टीभी पे बहस है। ऐसी गहन, विवेकपूर्ण, बहुआयामी, चिंतनशील, भविष्यगामी, सुरुचिपूर्ण, ज्ञानवर्धक, विषयोन्मुखी, परिपक्व और अलौकिक बहस क्या आपने अभी तक चीनी घुसपैठ पर अपनी टीभी स्क्रीन पे देखी है? हमारे एंकर्स से किसी चीनी को गाली खाते देखने का परम सुख आपके नयनों को कभी मिला है? नहीं ना! 

तो जान लीजिए कि शीशे के इस पार रखकर बंदरों को ऐसे ही केले दिखाकर ललचाया जाता है। मूर्ख कौन हुआ। बन्दर या केला दिखाकर उसे उछलाने वाला? आप तय करिए।


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